मुझे बेटी की शादी करनी है कोई अच्छा लड़का मिले तो बताये ? लेकिन पिता ..

आजकल किसी लड़की के पिता के लिए एक अच्छा दामाद तलाश करना बहुत मुश्किल होता है , मुरादाबाद के रहने वाले महेंद्र शुक्ल अपनी लड़की के शादी की उम्र होते ही अपने सर्किल के सभी लोगो से किसी अच्छे रिश्ते के लिए कहते है.शुक्ल जी के परिवार में उनकी पत्नी दो बेटे और एक लड़की रोहिणी है रोहिणी उम्र में सबसे बड़ी है बड़ा लड़का बीस वर्ष का है और छोटा लड़का 18 साल का है.


वही जब वो लड़की की शादी के लिए किसी से कहते है उन्हें संस्कारी लड़का चाहिए जो शराब ,जुआ या किसी गन्दी आदत से दूर हो.अगर कमाई कम होगी फिर भी चलेगा और मैं खुद मदद करूँगा कारोबार खुलवाने में.वो घर पे आकर भी कहते है कि उन्होंने लड़की के लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया इसे सुनकर उनकी बेटी रोहिणी शर्मा जाती है.रोहिणी कहती है पापा मैं अभी शादी नही करुँगी अभी मुझे पढाई करनी है.

अभी मैंने बीऐ किया है मुझे बीएड करके टीचर बनना है ये सुनकर महेंद कहते है तुम चिंता न करो जहाँ शादी लगायेंगे उनसे इसका तय कर लूँगा.ये सुनकर रोहिणी चुप हो जाती है.कुछ दिनों बाद महेंद्र के पास फोन आता है जिसमे कोई उनसे कहता है एक अच्छा रिश्ता है अगर आप कहो फिर रविवार को आप के यहाँ लड़के और परिवार को लेकर आ जाता हूँ.

आप लोग समझ ले और लड़का सरकारी नौकरी में है.ये सुनकर महेंद्र बहुत खुश होते है और कहते है एक अच्छा रिश्ता मिल गया है और वो लोग रविवार को आएंगे ये सुनकर रोहिणी घबरा जाती है.शुक्ल जी और उनका परिवार मेहमानों के आने की तैयारी शुरू कर देते है.रविवार को जब शुक्ल जी उठते है देखते है घर का दरवाज़ा खुला है वो सोचते है कहीं चोर तो नही आ गये वो आवाज़ लगाकर पुरे परिवार को जगाते है लेकिन घर का कोई सामान गायब नही होता है.थोड़ी देर बाद शुक्ल और उनका परिवार रोहिणी का सोचता है रोहिणी दिख नही रही है.

रोहिणी के कमरे में जब जा कर देखते है तो वहां एक चिट्टी मिलती है चिट्टी में रोहिणी कहती है पापा मैं घर छोड़ के जा रही हूँ मुझे आकाश से प्यार है चुकी वो पढ़ा लिखा नही है और गरीब है इसलिए आप रिश्ते के लिए तैयार नही होते.हम दुसरे शहर जा रहे है वहां नयी दुनिया बसायेंगे.ये सुनकर शुक्ल चिल्लाते है वो आकाश शराबी है जाहिल है पैसा भी नही , मैं कैसे कैसे रिश्ते तलाश कर रहा था और इसको ये नालायक लड़का पसंद आ गया.लानत है ऐसी औलाद पे.कुछ वर्षो बाद रोहिणी अपने पति के साथ घर पर आकर शुक्ल से माफ़ी मांगते है और कहते है पापा उनके पास घर चलाने के पैसे नही है आकाश को कोई काम खुलवा दे.


इस पर महेंद्र शुक्ल और उनकी पत्नी रोहिणी और उनके पति को घर छोड़ के चले जाने का इशारा करके कहते है रोहिणी तुम्हे हम अपने परिवार का हिस्सा नही मानते है कभी नही आना.
कहानी – औलाद का धोखा
लेखक – आनंद मिश्रा

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