कौन सा गु’नाह अपनी माँ से निकाह के बराबर है ? नबी करीम (स.अ.व.) ने फरमाया

अस्स्लामालेकुम दोस्तों आज हम इस्लामिक जानकारी के केटेगरी में आप को ऐसे गुनाह की जानकारी देंगे जिसको करना अपनी माँ से निकाह के बराबर का गु’ना’ह वाला काम है.बहुत से अनजाने में ऐसा गु’ना’ह कर बैठते है इसलिए ये इस्ला’मिक जानकारी जानना बहुत ज़रूरी है खासकर मुस्लि’म के लिए.अल्लाह के हुक्म और हुजुर (स.अ.व.) के सुन्नत पर अमल करना हर मु’स्लिम के जरुरी है.

माँ और बेटे का अज़ीम रिश्ता-

माँ और बेटे का रिश्ता ऐसा है जो हर मज़हब में इसका ऐतराम की हिदायत दी गयी है.चाहे हि”न्दू वो या मु’स्लिम या कोई और दीगर मज़हब.हर किसी में बेटे को माँ की आज्ञा का पालन करना बताया गया है.

जहाँ तक बेटे की बात है तो माँ तो बेटे से जो मोहब्बत करती है वो शायद ही कोई और करता हो.इस्लाम में तो माँ का मर्तबा सिर्फ इस hadees से समझ सकते है जिसमे लिखा है,”माँ के कदमो के नीचे जन्नत है.”

माँ से निकाह के बराबर का गुनाह-

जी हां ,एक गुनाह ऐसा है जिसको करने के बाद आप ने ‘अपनी माँ से जिना कर लिया ‘है.आप सोच रहे होंगे ऐसा आखिर कौन सा गुना’ह है.आप सोच रहे होंगे क़त्ल कर देना,चुगली करना या कोई और में से होगा लेकिन नही-

अगर आप सूद दे रहे है या ले रहे है फिर इस्लाम के मुताबिक आप ने अपनी माँ से नि’काह कर लिया है.जितना गुनाह आप ने माँ से निकाह करके पाया उतना ही गुना’ह सूद के कारोबार में शामिल होने का है.

सूद लेने पर अल्लाह ने फरमाया-

हुजूर सल्लल्लाहो अलैह व सल्लम ने फ़रमाया कि चार शख्स ऐसे हैं जिन के लिये अल्लाह तआला ने लाज़िम कर दिया हैकि उन्हें जन्नत में दाखिल नहीं करेगा और न ही वो उस की ने’मतों से लुत्फ़ अन्दोज़ होंगे, शराबी, सूदखोर, नाहक यतीम का माल खाने वाला और वालिदैन का ना फ़रमान.

इब्ने अब्बास रज़ीअल्लाहो अन्हो से रिवायत की है कि हुजूर सल्लल्लाहो अलैह व सल्लम ने फलों को बड़ा होने से पहले बेचने से मन्अ फ़रमाया हैऔर फ़रमाया ,जब किसी शहर में ज़िना और सूद आम हो जाए तो उन्हों ने गोया खुद ही अल्लाह के अज़ाब को दा’वत दे दी है.

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