हे भगवान , हेडमास्टर ही नही कर पाई इस संख्या का भाग, कलेक्टर ने लिया एक्शन , कहा – जब आपको नही..

जब टीचर ही मैथ्मस के मामूली सवाल को ना हल कर पाए फिर बच्चो की पढाई का भगवान ही मालिक है मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के एक प्राइमरी स्कूल के टीचर नहीं, बल्कि हेडमास्टर का यही हाल है। कलेक्टर जब यहां औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो हेडमास्टर से ही 441 में 4 का भाग देते नहीं बना। उसके बाद जो कुछ हुआ तो इस खबर को पूरा पढ़िए..

441 में 4 का भाग –
एमपी के बालाघाट जिले के प्राइमरी स्कूल की यह तस्वीर हैं। जहां कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा निरीक्षण करने पहुंचे थे। बच्चे स्कूल में क्या सीख रहे है और टीचर कैसा पढ़ा रहे, यह जानने वह बच्चों की क्लास में बैठ गए। सबसे पहले तो उन्होंने बच्चों को ही ब्लेकबोर्ड पर 441 संख्या में 4 का भाग देने कहा।

एक छात्र को गणित के इस सवाल को हल करने दिया। वह सिर्फ संख्या ही लिख सका, उससे भाग देते नहीं बना। स्कूल की शिक्षिका सोना धुर्वे भी वहां मौजूद थी। वह बोली कि लॉक डाउन के कारण बहुत से बच्चे गुणा-भाग भूल गए है, उनको अभी दोबारा सिखा रहे है।

हेडमास्टर भी रही फेल
स्कूल की शिक्षिका सोना धुर्वे के पास हेडमास्टर का प्रभार भी है। फिर क्या था, कलेक्टर ने उन्ही से कहा कि मैडम जरा आप ही बच्चों को गणित का यह सवाल हल करके बताओं। बड़े उत्साह से तेज आवाज में मैडम ने भाग देना शुरू किया।

सैकड़ा की संख्या 441 में 4 का भाग देने के बाद मैडम का भागफल 1.2 आया। जिसे देख कलेक्टर साहब का माथा ठनक गया। उन्होंने दोबारा सवाल हल करने कहा तो उनका उत्तर 11.2 आया।

फिर ली कलेक्टर ने मैडम की क्लास
गणित की सामान्य संख्या का हेडमास्टर सोना धुर्वे से ‘भाग’ न बनने पर कलेक्टर भड़क गए। उन्होंने कहा कि मैडम जब आपसे ही गणित नहीं बन रहा, तो बच्चों से कैसे बनेगा? ऊपर से आप बहाने बता रही है

कि लॉक डाउन के कारण बच्चे भाग देना भूल गए है। कलेक्टर ने फ़ौरन मैडम की एक वेतन वृध्धि रोकने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें हेडमास्टर के प्रभार से हटा दिया।

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